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BSEB पटना द्वारा आयोजित एस टीईटी 2019 पुनः परीक्षा के रिजल्ट प्रकाशन पर हाई कोर्ट से रोक

 एस टीईटी 20 रिजल्ट पर 15 दिसंबर तक रोक हाई कोर्ट से वीडियो देखें :- https://youtu.be/slEYoncy2KQ बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा आयोजित एस टीईटी परीक्षा रिजल्ट एक बार फिर विवादों में पटना हाई कोर्ट में एक केस की सुनवाई के बाद रिजल्ट प्रकाशन पर रोक लगाने का आदेश दिया है । 26 नवंबर 20 को आदित्य प्रकाश द्वारा दायर केस की सुनवाई जस्टिस अमानुल्लाह की बेंच में हुई । सिलेबस मुद्दे पर  आदित्य प्रकाश द्वारा केस पटना हाई कोर्ट में दाखिल की गई थी ।  अभ्यर्थियों का आरोप है कि BSEB पटना द्वारा आयोजित एस टीईटी परीक्षा बिना सिलेबस के हुई है ज्ञात हो कि शिक्षा सुधार रोजगार द्वारा कदाचार कुव्यवस्था और सिलेबस मुद्दे को लेकर इस से पहले रिजल्ट पर केस हुआ था जिस के बाद BSEB द्वारा कोर्ट केस के बाद पहले परीक्षा रद्द की इस के बाद पुनः परीक्षा का आयोजन 9/09/20 से 21/09/20 तक कोरोना काल मे परीक्षा का आयोजन किया गया था । पुनः परीक्षा सुरु से ही विवादों में है कोरोना काल मे अभ्यर्थियों का सेंटर 300 से 500 किलोमीटर दूर दिया गया । ऑफ लाइन परीक्षा को ऑनलाइन करवाया गया पर सिलेबस मुद्दे के कार...

S TET रिजल्ट केस हाई कोर्ट पटना का बड़ा फैसला होगी परीक्षा रिजल्ट केस रद्द हुआ

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 हाई कोर्ट पटना के ऐतिहासिक फैसला एस टीईटी केस के संबंध में दिया बड़ा फैसला परीक्षा रद्द ही रहेगी रिजल्ट केस ख़ारिज  हाई कोर्ट पटना द्वारा कहा गया कि इस मैटर में जुडिशल रिव्यू नहीं कर सकते और शिक्षा विभाग के भी कुछ अपने अधिकार होते है । जिस कारण से रिजल्ट केस रद्द हुआ अब होगी परीक्षा 9 सितंबर 20 से परीक्षा के संबंध में अभ्यर्थियों में संसय है कि महिला और दिव्यांग अभ्यर्थियों को 300 से 500 किलोमीटर दूर सेंटर दिया गया है । साथ मे परीक्षा का कोई सिलेबस भी नही है । जब कि नीरज कुमार द्वारा किये केस CWJC 5650 में ये आर्डर है कि सिलेबस के साथ कोरोना प्रकोप थमते ही परीक्षा ली जाए पर BSEB की अभी तक इस पर कोई कार्यवाही नही करना कई सवाल खड़े करता है । ज्ञात हो कि बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा परीक्षा रद्द संबंधित जो लेटर जारी किया गया था उस मे भी इस बात का जिक्र है की सिलेबस के कारण परीक्षा रद्द की गई है । (नीरज)

बिहार सरकार का बड़ा फैसला शिक्षक बहाली में डोमिसाई नीति लागू सेवा शर्त में डोमिसाई मुद्दे को हरी झंडी

बिहार सरकार का शिक्षक बहाली में डोमिसाई पर बड़ा फैसला,  राज्य के करीब 72 हजार सरकारी प्रारंभिक विद्यालयों में शिक्षक पद पर सिर्फ और सिर्फ बिहार के निवासी ही नियुक्त हो सकेंगे। इन प्रारंभिक स्कूलों में दूसरे राज्यों के शिक्षक अभ्यर्थियों के लिए नियुक्ति का रास्ता बंद हो गया है। शिक्षा विभाग ने यह प्रावधान लागू कर दिया है। शनिवार को विभाग की ओर से अधिसूचित बिहार राज्य नगर प्रारंभिक विद्यालय सेवा तथा बिहार राज्य पंचायत प्रारंभिक विद्यालय सेवा (नियुक्ति, प्रोन्नति, स्थानांतरण, अनुशासनिक कार्रवाई एवं सेवाशर्त) नियमावली, 2020 में इसका स्पष्ट प्रावधान कर दिया गया है कि बिहार में इन दोनों नियोजन नियमावलियों के तहत नियुक्ति में बिहार के निवासी ही आवेदन कर सकेंगे। गौरतलब है कि वर्ष 2006 से राज्य में लागू माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक शिक्षकों के नियोजन में यह व्यवस्था लागू है। इसके तहत बिहार के हाईस्कूलों और प्लसटू में केवल बिहार निवासी ही नियुक्त हो रहे हैं। आरंभ में प्रारंभिक शिक्षकों के नियोजन नियमावली में भी यही प्रावधान किया गया था, लेकिन वर्ष 2012 से लागू नियोजन नियमावली में इसका स्पष्ट उ...

बिहार शिक्षक बहाली विभाग का बड़ा लेटर I.A फ़ाइल करेगा विभाग सी टीईटी दिसंबर और डीएलएड प्राथमिकता केस में

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बिहार शिक्षा विभाग ने बड़ा लेटर जारी किया ।  नीरज कुमार एवं अन्य द्वारा  दायर केस CWJC 6767/2020  जो सी टीईटी दिसंबर 2019 पास अभ्यर्थियों शिक्षक बहाली 2019-20 में मौके की मांग को लेकर है और इस के अलावा डीएलएड प्राथमिकता के खिलाफ किये केस CWJC 6670 केस में जवाबी हलफनामा दायर करने के संबंध में बड़ा लेटर जारी किया गया है । लेटर के अनुसार शिक्षा विभाग दोनो केस में हाई कोर्ट पटना में सरकार और शिक्षा विभाग का पक्ष रखेगा । जारी लेटर में हाई कोर्ट में प्रति सपथ पत्र एवं I A फ़ाइल करने की बात लिखी गयी है । ज्ञात हो कि पटना उच्च न्यालय ने नीरज कुमार एवं अन्य बनाम राज्य सरकार एवं अन्य केस में एक जुलाई 2020 को सुनवाई के बाद शिक्षक बहली प्रकिर्या पर स्टे की बात  किया था । उच्च न्यायालय ने  नियोजन प्रकिर्या के संबंध में आर्डर पारित करते हुए ये कहा था कि  8/06/20 के लेटर के अनुसार शिक्षा विभाग बहली जारी रखे पर नियोजन पत्र निर्गत करने पर रोक लगाई गयी थी । इस के बाद  लेटर में जिस दूसरे केस की बात की गई है वो डीएलएड प्राथमिकता मुद्दे का  केस  CWJC 6670 है जि...

बिहार शिक्षक बहाली : प्राइमरी और सेकंडरी शिक्षकों की बहाली पर हाई कोर्ट से तीसरा झटका फिर रोक, सरकार से मांगा जवाब

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हाईकोर्ट ने राज्य में प्राइमरी और सेकंडरी शिक्षकों की बहाली पर फिलहाल रोक लगा दिया है. मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति संजय करोल और न्यायमूर्ति एस कुमार की खंडपीठ ने नेशनल फेडरेशन ऑफ ब्लाइंड, बिहार ब्रांच की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को जवाब देने को भी कहा है. याचिकाकर्ता ने अन्य मुद्दों समेत उक्त मामले को लेकर प्रकाशित विज्ञापन को चुनौती दी थी. याचिकाकर्ता के अधिवक्ता सुरेंद्र कुमार सिंह ने अदालत को बताया कि दिए गए रोस्टर के मुताबिक नेत्रहीन दिव्यांग को 400 में से मात्र 98 सीट आरक्षित किया है जोकि पर्याप्त नहीं है. एक अन्य याचिका में राज्य सरकार की ओर से अपर महाधिवक्ता पी के वर्मा उपस्थित हुए.  राज्य सरकार के महाधिवक्ता की अनुपस्थिति की वजह से शुक्रवार को सुनवाई के दौरान राज्य सरकार के महाधिवक्ता की ओर उपस्थित अधिवक्ता ने विषय की गंभीरता को देखते हुए सुनवाई को स्थगित करने की मांग की. अगली सुनवाई की तिथि आगामी 19 अगस्त को खंडपीठ ने महाधिवक्ता को भी उपस्थित रहने को कहा है.

बिहार में बढ़ते कोरोना प्रकोप और कुव्यवस्था पर जनहित याचिका पटना हाई कोर्ट में सुनवाई

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बिहार में कोरोना संक्रमितों की बढ़ती संख्या के बाबजूद इसकी  जांच की पूरी व्यवस्था व सही तरीके से ईलाज नहीं होने के मामलें पर पटना हाइकोर्ट ने सुनवाई करते हुए केंद्र व राज्य सरकार से जवाबतलब किया।दिनेश सिंह की जनहित याचिका पर चीफ जस्टिस संजय करोल की खंडपीठ ने सुनवाई की।याचिकाकर्ता के अधिवक्ता दीनू कुमार ने कोर्ट को बताया कि राज्य में कोरोना मरीजों की संख्या बहुत तेजी से बढ़ने लगी हैं।पटना समेत कई जिलों में स्थिति बिगड़ने के बाद लॉकडाउन लगाया गया। राज्य सरकार ने कॅरोना मरीजों के  व्यापक जांच की व्यवस्था नहीं की।साथ ही सरकारी अस्पतालों में ईलाज की पूरी व्यवस्था नहीं किया गया है।एक ओर जहां डॉक्टर, नर्सेज और स्वास्थ्यकर्मियों की पर्याप्त संख्या नहीं है, वहीं बेड, वेंटिलेटर, दवाओं व अन्य मेडिकल सामग्रियों की भी कमी है।अधिवक्ता दीनू कुमार ने यह भी बताया कि कोरोना संक्रमित के शवों को गंगा नदी में फेंक दिया जाता है।इस मामलें पर अगली सुनवाई 24 जुलाई को की जाएगी।

सी टीईटी दिसंबर 2019 पास अभ्यर्थियों को बिहार शिक्षक बहाली में आवेदन के मौके का लेटर जारी

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बिहार शिक्षक बहाली 2019 20 में सीटीईटी दिसंबर उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को आवेदन करने का बड़ा  लेटर जारी हुआ । आज शिक्षा विभाग ने पटना हाई कोर्ट के केस संख्या सी डब्ल्यू जे सी 6767/2020  के आदेश के अनुरूप लेटर जारी किया । लेटर में साफ तौर से यह लिखा गया की केस  की सुनवाई में जो आर्डर जारी हुआ है  । उस आर्डर के अनुपालन के संबंध में यह लेटर था लेटर में साफ तौर से लिखा गया है कि  8 जून 2020 के आर्डर के अनुरूप सीटीईटी टीईटी अथवा एनआईओएस डीएलएड सीटीईटी पास  अभ्यर्थियों मात्र से आवेदन लिया जा सकता है ऐसे में जो भी सीटीईटी दिसंबर उत्तीर्ण अभ्यर्थी हैं वह अब बिहार शिक्षक बहाली नियोजन प्रक्रिया में आवेदन कर सकते हैं इस आदेश पत्र के जारी होने के बाद अभ्यर्थियों में खुशी की लहर है  । आज दिनांक 8 जुलाई 2020 को यह लेटर जारी हुआ अभ्यर्थी अब 14 सात 2020 तक बिहार शिक्षक बहाली में आवेदन कर सकते हैं शिक्षा सुधार रोजगार कि यह बड़ी जीत है साथ में अभ्यर्थियों की भी यह बड़ी जीत है ज्ञात हो कि 1 जुलाई 2020 को पटना हाईकोर्ट में इस केस की सुनवाई हुई और सुनवाई के बाद हाई कोर्ट प...